भारत की Full Medical Test Report

कोई खुद को भले ही कितना भी Non-Biological कहे, लेकिन जहाँ तक भारत की बात है, भारत विशुद्ध रूप से एक Biological Entity है—एक जीवंत देश, जिसकी अपनी धड़कन है, अपनी नब्ज है, अपना रक्तसंचार है और सबसे महत्वपूर्ण, समय-समय पर उसकी Medical Test Report भी आती रहती है।

और चूँकि यह देश हम सबका है, इसलिए इसकी सेहत पर कड़ी नजर रखना भी हम सबकी ड्यूटी है।

तो लीजिए, आज हमारे हाथ लगी है भारत की Full Medical Test Report।

Patient Name: भारत
Age: लगभग 80 वर्ष
Gender: लोकतांत्रिक
Vital Statistics: विकासशील
Diagnosis: विकास की प्रक्रिया जारी है
Overall Condition: डॉक्टरों की राय अलग-अलग हो सकती है, लेकिन विज्ञापन में मरीज हमेशा स्वस्थ दिखाई देता है।

अब रिपोर्ट को थोड़ा ध्यान से पढ़िए।

रिपोर्ट में लिखा है—“Developmental Parameters: Improving.”

मगर नीचे छोटे अक्षरों में एक Disclaimer भी है—
“परिणाम क्षेत्र, वर्ग, आय और सामाजिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।”

वैसे Feel Good Factor बनाए रखने के लिए आप इसे “विकसित भारत” भी कह सकते हैं।

इसमें कोई हर्ज नहीं है।

आखिर मेडिकल रिपोर्ट में भविष्य की बीमारी का अनुमान लगाया जा सकता है तो भविष्य का विकास क्यों नहीं?

आज मरीज विकासशील है, कल विकसित हो जाएगा—और अगर घोषणा थोड़ी जल्दी कर दी जाए तो परसों तक शायद विकसित भी घोषित हो चुका होगा।

21 साल Advance में ही सही—कोई हर्ज नहीं।

और सबसे अच्छी बात यह है कि इस Advance Declaration पर अभी तक कोई GST भी नहीं लगाया गया है।

हालाँकि मरीज के शरीर पर लगाए जाने वाले दूसरे टैक्सों की संख्या देखकर लगता है कि सरकार ने उसका Metabolism काफी तेज कर दिया है।

अब आइए Blood Test पर।

रक्त में Tax, Cess और Surcharge की मात्रा सामान्य से कुछ अधिक पाई गई है।

डॉक्टर ने सलाह दी है—

“मरीज को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों का संतुलित सेवन कराया जाए।”

मगर मरीज पूछ रहा है—

“डॉक्टर साहब, ये संतुलित सेवन आखिर होता कहाँ है?”

Blood Pressure की रिपोर्ट भी दिलचस्प है।

ऊपर से देखने पर BP नियंत्रित दिखाई देता है, लेकिन जैसे ही महँगाई, बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और आमदनी के आँकड़े सामने रखे जाते हैं, BP मशीन खुद घबराने लगती है।

Heart की जाँच में भी कुछ रोचक बातें सामने आई हैं।

दिल मजबूत है।

इतना मजबूत कि पिछले कई दशकों से लगातार महँगाई, बेरोजगारी, असमानता, भ्रष्टाचार और राजनीतिक तनाव झेलने के बावजूद धड़क रहा है।

हाँ, कभी-कभी Heartbeat तेज जरूर हो जाती है—खासकर जब पेट्रोल की कीमत, गैस सिलेंडर या महीने का बिजली बिल सामने आता है।

अब Kidney Function Test।

विशेषज्ञों ने पाया है कि देश की अर्थव्यवस्था में आने वाला पैसा ऊपर से नीचे जाने की प्रक्रिया में कई स्तरों से होकर गुजरता है।

रिपोर्ट में इसे तकनीकी भाषा में कहा गया है—

“Trickle Down Mechanism.”

मगर मरीज के पैरों तक पहुँचते-पहुँचते पानी कितना बचता है, इसकी जाँच अभी जारी है।

Liver Function Test भी किया गया।

Liver पर काफी बोझ पाया गया है।

वह लगातार विषैले पदार्थों को filter करने का काम कर रहा है—
प्रचार, झूठे दावे, नफरत, अफवाहें, फर्जी खबरें और चुनावी वादे।

इतना सब filter करने के बाद भी Liver अभी तक काम कर रहा है।

इसलिए डॉक्टरों ने उसे “Highly Resilient Organ” घोषित किया है।

अब Brain Scan की बारी आती है।

यहाँ मामला थोड़ा संवेदनशील है।

Brain में विचारों की गतिविधि पाई गई है, लेकिन विशेषज्ञों में इस बात पर मतभेद है कि कौन-सा विचार Scientific Thinking है, कौन-सा Political Messaging, कौन-सा Propaganda और कौन-सा सिर्फ WhatsApp Forward।

इसलिए रिपोर्ट में फिलहाल लिखा गया है—

“Further Investigation Required.”

फेफड़ों की जाँच में भी देश की साँस चलती हुई मिली।

हालाँकि वातावरण में Pollution की मात्रा कुछ अधिक है।

लेकिन मरीज को लगातार समझाया जा रहा है कि—

“सब नियंत्रण में है।”

इसलिए मरीज भी कभी-कभी गहरी साँस लेकर खुद को समझा लेता है।

अब आती है सबसे महत्वपूर्ण जाँच—Economic Health Report।

GDP बढ़ रही है।

Stock Market कभी ऊपर जाता है, कभी नीचे।

कुछ लोग बहुत तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं।

कुछ लोग ICU के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

और डॉक्टरों की टीम लगातार बता रही है—

“Overall Growth Positive है।”

रिपोर्ट के अंत में एक विशेष टिप्पणी भी है—

“Patient is progressing satisfactorily, provided that the patient does not ask too many uncomfortable questions about his own health.”

और यही इस मेडिकल रिपोर्ट का सबसे दिलचस्प हिस्सा है।

क्योंकि किसी भी मरीज की वास्तविक सेहत जानने के लिए सिर्फ यह देखना काफी नहीं होता कि उसका चेहरा कितना चमकदार है।

यह भी देखना पड़ता है कि—

उसका BP किसका बढ़ रहा है,
उसकी आय किसकी बढ़ रही है,
उसका वजन किसकी जेब पर बढ़ रहा है,
उसकी immunity किसके खिलाफ है,
और उसकी बीमारी का इलाज किसे मिल रहा है।

इसलिए भारत की Medical Test Report को सिर्फ “Feel Good” चश्मे से नहीं, बल्कि X-Ray, MRI और Blood Test—तीनों से देखना चाहिए।

क्योंकि देश कोई विज्ञापन नहीं है कि पोस्टर पर हमेशा स्वस्थ दिखाई दे।

देश एक जीवित व्यवस्था है।

और जीवित शरीर की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वह अपनी बीमारी छिपाने से स्वस्थ नहीं होता।

नियमित जाँच, सही Diagnosis और समय पर Treatment—यही असली विकास है।

बाकी जहाँ तक “विकसित भारत” की बात है—

21 साल Advance में घोषित कर देने में कोई हर्ज नहीं।

आखिर भविष्य की Medical Report भी तो आज ही तैयार की जा सकती है।

और सबसे अच्छी बात—

उस Advance Diagnosis पर अभी GST भी नहीं लगता! 😄