देश में पिछड़ों और अनुसूचितों पर अत्याचार वृद्धि: सत्ताधारी बेपरवाह एनसीआरबी आंकड़ों के अनुसार दलितों और आदिवासियों के विरुद्ध अपराधों …
पिछड़ों और अनुसूचितों पर अत्याचार वृद्धि

देश में पिछड़ों और अनुसूचितों पर अत्याचार वृद्धि: सत्ताधारी बेपरवाह एनसीआरबी आंकड़ों के अनुसार दलितों और आदिवासियों के विरुद्ध अपराधों …
धम्मचक्र प्रवर्तन दिवस: बहुजन चेतना का पुनर्जन्म 1. ऐतिहासिक क्षण का अर्थ 14 अक्टूबर 1956 — यह वह दिन है …
न्यायमूर्ति नागरत्ना की चेतावनी: जब अदालतें राजनीति के अखाड़े में बदलने लगती हैं भारत के लोकतंत्र की सबसे मज़बूत नींवों …
उत्तर भारत के पेरियार: ललई सिंह यादव का व्यक्तित्व और कृतित्व भारतीय सामाजिक न्याय आंदोलन के इतिहास में ललई …
RSS और यौन शोषण के आरोप: केरल के युवा इंजीनियर आनंदु अजी की आत्महत्या ने उठाए गंभीर प्रश्न (संदर्भ: The …
भारत में अफगानिस्तान का कानून? यह बहुत गम्भीर और विचारणीय प्रश्न है — क्योंकि यह सिर्फ़ किसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में …
जातिविहीन नौकरशाह एक मिथक आज भारतीय नौकरशाही को “इस्पात ढाँचा” कहकर सम्मानित किया जाता है — एक ऐसी संस्था जो …
तीन मोर्चों पर दलित चेतना की परीक्षा: संविधान बनाम मनुस्मृति की लड़ाई भारत का लोकतंत्र आज अपने 75 वर्षों के …
न्यायपालिका पर हमला या लोकतंत्र पर प्रहार? जूता फेंकने की घटना, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की गिरफ़्तारी और सत्ता का मौन …
जब ज़हर बनी दवा: भारत की फार्मेसी छवि पर गहरा धब्बा भारत लंबे समय से गर्व करता आया है कि …