निष्क्रिय न्यायपालिका, सरकार को निरंकुश बनाती है जब न्यायपालिका निष्क्रिय हो जाती है, तो सरकार हो सकती है, क्योंकि स्वतंत्र …
निष्क्रिय न्यायपालिका, सरकार को निरंकुश बनाती है

निष्क्रिय न्यायपालिका, सरकार को निरंकुश बनाती है जब न्यायपालिका निष्क्रिय हो जाती है, तो सरकार हो सकती है, क्योंकि स्वतंत्र …
ज्योतिबा फुले की ‘गुलामगिरी’: एक क्रांतिकारी दस्तावेज का विश्लेषण पुस्तक: गुलामगिरी लेखक: महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले मूल प्रकाशन: 1873 (मराठी …
बिहार चुनाव: मतदाता सूची में बदलाव और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर …
जीने की कला (निबंध) : महादेवी वर्मा प्रत्येक कार्य के प्रतिपादन और प्रत्येक वस्तु के निर्माण में दो आवश्यक अंग …
सफलता की कुंजी (लेख) : यशपाल जैन हमारे धर्म-ग्रन्थ मे एक बड़ा सुन्दर मंत्र इन शब्दों मे मिलता है-“उठो, जागों …
कला, धर्म और विज्ञान : रामधारी सिंह ‘दिनकर’ हिन्दी-प्रान्तों में आजकल साहित्य-सभाओं की धूम है। यह अच्छी बात है, क्योंकि …
वृद्धावस्था : डॉ॰ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी काल की बड़ी क्षिप्र गति है। वह इतनी शीघ्रता से चला जाता है कि …
भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है : भारतेंदु हरिश्चंद्र आज बड़े आनंद का दिन है कि छोटे से नगर बलिया में …
जीवन में साहित्य का स्थान : मुंशी प्रेमचंद साहित्य का आधार जीवन है। इसी नींव पर साहित्य की दीवार खड़ी …
साहित्य का उद्देश्य : मुंशी प्रेमचंद (1936 में प्रगतिशील लेखक संघ के प्रथम अधिवेशन लखनऊ में प्रेमचंद द्वारा दिया गया …