“फाइल 27-बी: जो कभी बंद नहीं हुई” बारिश उस रात भी हो रही थी। लेकिन यह सामान्य बारिश नहीं थी—यह …
फाइल 27-बी

“फाइल 27-बी: जो कभी बंद नहीं हुई” बारिश उस रात भी हो रही थी। लेकिन यह सामान्य बारिश नहीं थी—यह …
आख़िरी फ़ाइल रात के ढाई बजे थे। राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कें भी अब थककर सो चुकी थीं। लेकिन राष्ट्रीय अभिलेखागार …
गुलकी बन्नो (कहानी) : धर्मवीर भारती ‘‘ऐ मर कलमुँहे !’ अकस्मात् घेघा बुआ ने कूड़ा फेंकने के लिए दरवाजा खोला …
तारा और किरण (कहानी) : धर्मवीर भारती वह विस्मित होकर रुक गया। नील जलपटल की दीवारों से निर्मित शयन-कक्ष-द्वार पर …
रंक से राजा (कहानी) : गोपाल भाँड़ एक दिन महाराज कृष्णदेव राय अपने दरबार में बैठे थे । राज-काज का …